दतिया उपचुनाव में भाजपा की चुनौती: क्या नाराज नरोत्तम मिश्रा को मना पाएगी पार्टी?
भोपाल/दतिया, 11 जुलाई। मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव से पहले भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों की नाराजगी को शांत करना है। पार्टी द्वारा दतिया से उम्मीदवार बदलकर आशुतोष तिवारी को टिकट दिए जाने के बाद नरोत्तम समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया, कई स्थानों पर चक्काजाम और पुलिस के साथ झड़प की घटनाएं भी सामने आईं।
दतिया सीट को लंबे समय तक डॉ. नरोत्तम मिश्रा का राजनीतिक गढ़ माना जाता रहा है। वे इस सीट से कई बार विधायक और प्रदेश सरकार में गृह मंत्री रह चुके हैं। ऐसे में टिकट नहीं मिलने से उनके समर्थकों में असंतोष देखा गया।
हालांकि, हालिया घटनाक्रम के बाद भाजपा नेतृत्व सक्रिय हो गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन पदाधिकारियों ने नरोत्तम मिश्रा के साथ बैठक कर स्थिति संभालने का प्रयास किया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि उपचुनाव आधिकारिक उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा, जबकि नरोत्तम मिश्रा मार्गदर्शक की भूमिका निभाएंगे।
डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार के उग्र विरोध से बचने की अपील की है। उन्होंने कहा कि पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और कार्यकर्ताओं को अनुशासन बनाए रखना चाहिए।
उधर, कांग्रेस ने दतिया उपचुनाव के लिए दो बार के विधायक घनश्याम सिंह को मैदान में उतार दिया है और भाजपा की अंदरूनी नाराजगी को मुद्दा बनाकर चुनावी लाभ लेने की रणनीति पर काम कर रही है।
दतिया उपचुनाव अब केवल एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भाजपा की संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व की परीक्षा भी माना जा रहा है।



